डेटाबेस मैनेजमेंट सिस्टम (DBMS) या रिलेशनल डेटाबेस (RDBMS) में जब हम कोई Table बनाते हैं, तो उसमें बहुत सारे Columns (जिन्हें Attributes कहा जाता है) होते हैं। हर Column में किस प्रकार का और कौन सा डेटा भरा जा सकता है, इसके लिए पहले से कुछ नियम या सीमाएं तय की जाती हैं। इसी सीमा को ही ‘Domain’ (डोमेन) कहा जाता है।
सरल शब्दों में कहें तो, “एक attribute के लिए permit (अनुमति) की जाने वाली सभी unique values के set को हम Domain कहते हैं। यह तय करता है कि database में किस प्रकार का data store किया जा सकता है।”
उदाहरण (Example)
मान लीजिए एक table में Gender नाम का attribute है।
तो इसका domain कुछ इस प्रकार हो सकता है:
Gender = [Male, Female, Others]
इसका मतलब है कि इस field में केवल यही तीन values ही enter की जा सकती हैं। इनके अलावा कोई भी value database में स्वीकार नहीं होगी।
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DBMS में Domain का महत्व (Importance of Domain in Hindi)
- डेटा की शुद्धता (Data Accuracy): डोमेन यह सुनिश्चित करता है कि डेटाबेस के अंदर केवल सटीक और सही जानकारी ही जाए।
- डेटा अखंडता (Data Integrity): Domain Rules लागू होने से डेटाबेस सुरक्षित, स्थिर और विश्वसनीय (Reliable) बनता है।
- गलतियों से बचाव (Error Prevention): यह users या data entry operator को गलत जानकारी भरने (fill) करने से रोकता है।
Domain के प्रकार
Domain अलग-अलग प्रकार के हो सकते हैं, जैसे:-
- Numeric Domain (संख्या से संबंधित)
- String Domain (Text से संबंधित)
- Date Domain (तारीख से संबंधित)
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