जब भी नवरात्रि, पूजा या कोई शुभ काम होता है, तो एक खास गीत अपने आप याद आ जाता है – Pachra Geet (पचरा गीत)। यह सिर्फ एक गाना नहीं है, बल्कि माता रानी को अपने घर बुलाने का एक पवित्र और भावनात्मक तरीका है।
नीचे आपको पचरा गीत का Lyrics दिया गया है।
पचरा से अंगना लिपाई ए मइया,
अरहर दलिया बिछाई ए मइया।लाली लाली चुनरिया ओढ़ाई ए मइया,
सोना चाँदी के चौकी बिछाई ए मइया।पचरा से अंगना लिपाई ए मइया,
अरहर दलिया बिछाई ए मइया।निमिया के डार पे झूला डोलें,
आव मइया हमार अंगना।धूप दीया बाती जराई ए मइया,
पान सुपारी चढ़ाई ए मइया।पचरा से अंगना लिपाई ए मइया,
अरहर दलिया बिछाई ए मइया।नौ दिन नौ रात सेवा करब हो,
दरशन दे दा भवानी।भक्ति भाव से गीत सुनाई ए मइया,
मन के मुराद पूरी कराई ए मइया।पचरा से अंगना लिपाई ए मइया,
अरहर दलिया बिछाई ए मइया।
टॉपिक
Download Pachra Geet Lyrics PDF
नीचे आपको Pachra Geet Lyrics को डाउनलोड करने का बटन दिया गया है, आप इस बटन पर click करके PDF को Download कर सकते हैं।
Pachra Geet (पचरा गीत) क्या होता है?
Pachra Geet एक traditional देवी गीत है, जो माता की पूजा से पहले गाया जाता है।
इसे आसान भाषा में समझें: “Pachra (पचरा) मतलब गोबर या मिट्टी से की गई शुद्ध लिपाई और Geet (गीत) मतलब भक्ति गीत”
यानी इस गीत में हम माता से कहते हैं कि “मइया, हमने आपका स्वागत पूरी श्रद्धा से तैयार कर लिया है, आप पधारिए।”
पचरा गीत Lyrics की जानकारी (Pachra Geet PDF Details)
| Information | Details |
|---|---|
| Title | Pachra Geet Lyrics |
| Language | हिंदी + Bhojpuri |
| Pages | 1 |
| File Size | 76 KB |
| Quality | High |
Pachra Geet का Meaning (भावार्थ)
| तत्व | अर्थ (Meaning) |
|---|---|
| अंगना लिपाई | घर की सफाई और शुद्धि |
| अरहर दलिया | पूजा की तैयारी |
| लाली चुनरिया | माता का श्रृंगार |
| झूला | माता का स्वागत |
| धूप-दीप | भक्ति और श्रद्धा |
Pachra Geet का महत्व
यह गीत सिर्फ गाने के लिए नहीं है, इसका धार्मिक महत्व भी है:-
- घर में positive energy आती है
- वातावरण शांत और पवित्र बनता है
- भक्ति और श्रद्धा बढ़ती है
- परिवार में एकता और संस्कार मजबूत होते हैं
इसीलिए कहा जाता है – पचरा के बिना पूजा अधूरी मानी जाती है।
Pachra Geet कब गाया जाता है?
यह गीत आमतौर पर इन अवसरों पर गाया जाता है:
- नवरात्रि के समय
- कलश स्थापना से पहले
- माता की चौकी में
- गृह प्रवेश या अन्य शुभ कार्यों में
Reason simple है – माता को सम्मान के साथ घर बुलाना।
FAQs – Pachra Geet Lyrics
Ans: यह मुख्य रूप से भोजपुरी (Bhojpuri) और हिंदी (Hindi) का एक बहुत ही सुंदर मिश्रण है, जो आम लोगों की बोली में रचा गया है।
Ans: नहीं, इसे आप किसी भी माता की पूजा, चौकी या शुभ अवसरों (जैसे गृह प्रवेश) पर माता के सम्मान में गा सकते हैं।
Ans: हाँ, आप इसे किसी भी समय अपनी भक्ति और मन की शांति के लिए गुनगुना सकते हैं, लेकिन पूजा के दौरान इसके सुर घर में Divine Energy भर देते हैं।
Ans: बिल्कुल! यह बच्चों में हमारी पुरानी परंपराओं, संस्कारों और भक्ति की समझ पैदा करने का सबसे अच्छा तरीका है।
निवेदन: दोस्तों, अगर आपको यह Pachra Geet Lyrics पसंद आए हों, तो इसे अपने Family और दोस्तों के साथ WhatsApp पर ज़रूर शेयर करें।